हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman Jayanti) कैसे मनाया जाना चाहिए

हनुमान जन्मोत्सव / जयंती (hanuman janmotsav / jayanti), भगवान हनुमान जी के जन्मोत्सव का पर्व है और यह पूरे भारत में बड़े श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन पर विशेष पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक आयोजन होते हैं। आइए जानते हैं हनुमान जयंती पर हमें क्या करना चाहिए:
हनुमान जयंती पर क्या करें:
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल/भगवा वस्त्र पहनें।
- शुद्ध और सात्विक भोजन का संकल्प लें।
- हनुमान जी की पूजा करें
- हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
- उन्हें लाल फूल, सिंदूर, जनेऊ, गुड़-चने, केले, और लड्डू अर्पित करें।
- हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण या रामचरितमानस का पाठ करें।
- व्रत रखें (यदि संभव हो तो)
- कुछ लोग इस दिन उपवास रखते हैं और केवल फलाहार करते हैं।
- मंदिर जाएं
- पास के हनुमान मंदिर में जाकर दर्शन करें और प्रसाद चढ़ाएं।
- यदि संभव हो तो मंदिर में सेवा करें या भजन-कीर्तन में भाग लें।
- दानी बनें – जरूरतमंदों को भोजन कराएं
- गरीबों को भोजन, वस्त्र या दान करें। हनुमान जी सेवा और भक्ति के प्रतीक हैं, इसलिए सेवा करना इस दिन का पुण्य कर्म माना जाता है।
- राम नाम का जाप करें
- हनुमान जी को भगवान राम के परम भक्त माना जाता है। इसलिए “राम-राम” का नाम लेना हनुमान जयंती पर विशेष फलदायी माना जाता है।
- हनुमान जी से प्रार्थना करें
- मानसिक और शारीरिक बल, साहस, और निर्भयता के लिए उनसे आशीर्वाद मांगें।
क्या न करें:
- मांस, मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन इस दिन बिल्कुल न करें।
- गुस्सा, झूठ या किसी का दिल दुखाना इस दिन से दूर रहें।
- अपवित्र स्थानों पर जाने से बचें, मन और वाणी की पवित्रता बनाए रखें।
विशेष मंत्र:
“ॐ हं हनुमते नमः”
इस मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।
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