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गुरुनानक देव जी से जुड़ी रोचक कहानी

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गुरुनानक देव जी के संबंध में एक कथा बहुत ही प्रचलित है। ऐसा माना जाता है कि अपनी तीर्थ यात्रा के दौरान गुरुनानक देव जी हरिद्वार आए। यहां पर उन्होंने एक पंडित को देखा जो कि एक दिल्ली के व्यापारियों के पूर्वजों के लिए पूजा करवा रहा था। गुरु नानक देव जी ने देखा के पंडित व्यापारी को गंगा जी का जल सूर्य को अर्पण करने को कह रहा है। जब व्यापारी सूर्य को जल दे रहा था तो उसके मन में दिल्ली में अपने व्यापार में हुए घाटे को लेकर चिंता बनी हुई थी। इसी प्रकार पंडित के मन में भी उसे व्यापारी से दक्षिणा में ज्यादा पैसे मिलने की विचार चल रहा था।

इस पर गुरु नानक देव जी ने उन दोनों के बीच में जाकर सूर्य की उलटी दिशा में जल देना प्रारंभ कर दिया। इस पर पंडित ने उन्हें टोका कि उन्हें जल सूर्य की दिशा में देना चाहिए ना कि उसके विपरीत दिशा में। इस पर गुरु नानक देव जी ने पूछा ऐसा करने से क्या होगा? इस पर पंडित ने कहा है कि यह आपके पूर्वजो तक पहुंचेगा। गुरु नानक देव जी ने दोबारा विपरीत दिशा बड़ी तेज़ी में जल देना प्रारंभ कर दिया। इस पर पंडित जी ने कहा कि मैंने तुम्हें बताया फिर भी तुम विपरीत दिशा में जल दे रहे हो। गुरु नानक देव जी ने पंडित जी से कहा कि वह तो अपने खेतों को जल दे रहे हैं। इस पर व्यापारी और पंडित दोनों जोर जोर से गुरु नानक देव जी पर हसने लगे तो गुरु नानक देव जी ने दोनों से कहा जब आपका यहां दिया गया जल आपके पूर्वजो तक पहुंच सकता है तो क्या मेरे द्वारा दिया गया पानी मेरे खेतों तक नहीं पहुंच सकता?

गुरु नानक देव जी ने दोनों से कहा जल देते हुए व्यापारी अपने व्यापार में आई मंदी का विचार कर रहा था और पंडित जी ज्यादा दक्षिणा का विचार कर रहे थे। ऐसे पूजा और कर्मकांड का क्या फायदा? इस पर दोनों के सिर गुरु नानक देव जी के आगे नतमस्तक हो गए। आपको यह कहानी कैसे लगी। कमेंट कर के अपनी राय जरूर दें। साथ ही आप सभी को हमारे चैनल की ओर से गुरुपर्व की ढेरों शुभकामनाएं।

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