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प्रतिद्वंदी से जीतना चाहते हैं तो ही पढ़ें…

दोस्तों जीवन के हर मुकाम पर कहीं ना कहीं ऐसा वक़्त जरूर आता है जब हमें किसी के साथ प्रतिद्वंदिता करनी पड़ती है। साथ ही अपने को श्रेष्ठ साबित करने का भी दबाव होता है। पर क्या किसी ऐसे व्यक्ति से जीतना आसान है जो कि हम से अधिक बेहतर हो? जी हां इसका जवाब हां है। हम अपने ऐसे प्रतिद्वंदी से भी जीत (Winning tips) सकते हैं जोकि हर मायने में हमसे बेहतर हो। आज हम आपसे इसी के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं।

बात शुरू करने से पहले हम यहाँ एक घटना का जिक्र करना चाहेंगे। यह बात लगभग दो ढाई दशक पुरानी है। आंद्रे अगासी और बोरिस बेकर दो कमाल के टेनिस प्लेयर हुआ करते। हालांकि अब तो इन्होंने संन्यास ले लिया है। लेकिन हम बात कर रहे हैं जब इनके कैरियर चरम पर थे।

हुआ यूँ कि आंद्रे अगासी और बोरिस बेकर ने शुरआत में 3 मैच खेले हैं, लेकिन तीनों मैचों में बोरिस बेकर ने आंद्रे अगासी को आसानी से हरा दिया। उस समय टेनिस में  बोरिस बेकर सर्विसेज का बादशाह कहा जाता था। किसी भी खिलाडी के पास उनकी सर्विसेज का तोड़ नहीं था। लगातार हारने के बाद आंद्रे अगासी ने अपने प्रतिद्वंदी बोरिस बेकर के वीडियो देखने शुरू करें। वह घंटों उन्हें खेलते हुए देखते रहते थे।

इसके बाद बोरिस बेकर और आंद्रे अगासी के बीच 11 मुकाबले हुए, जिसमें आंद्रे अगासी ने 10 मुकाबलों में बोरिस बेकर को हराया।

सन्यास के बाद एक बार बोरिस बेकर और आंद्रे अगासी जब मिले तो आंद्रे अगासी ने एक चौंकाने वाली बात का खुलासा किया। उन्होंने बताया बोरिस बेकर जब सर्विस करते थे तो उनकी जीभ मुँह से बाहर को आ जाती थी। जब भी उनकी जीभ बायीं और होती थी तो उनकी सर्विस भी बायीं और होती थी। और जब उनकी जीभ सीधी और होती थी तो उनकी सर्विस सीधी आती थी।

बोरिस बेकर खुद इस बात को सुनकर सन्न रह गए। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा अपनी पत्नी से कहता था कि आंद्रे अगासी उनका दिमाग पढ़ लेते है, लेकिन वह तो उनकी जीभ पढ़ रहे थे। आइये अब बात करते हैं जीतने के मूल मंत्रो कि।

सकारात्मक सोच

सबसे पहली बात प्रतिद्वंद्विता में एक सकारात्मक सोच जरूर होनी चाहिए। अगर हमारी सोच सकारात्मक नहीं होगी तो कभी भी हमारे से ज्यादा काबिल व्यक्ति को नहीं हरा सकते।

आत्मविश्वास 

दूसरा है आत्मविश्वास। आत्मविश्वास से भरा हुआ व्यक्ति दुनिया का कोई सा भी बड़े से बड़ा कार्य बड़ी ही आसानी से कर सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि कभी भी आपका आत्मविश्वास अति विश्वास में ना बदल जाए। अति आत्मविश्वास पतन का कारण होता है।

धैर्य

तीसरी सबसे जरूरी बात है व्यक्ति को धैर्य बनाए रखना चाहिए। कोई ऐसी प्रतिद्वंदिता फिर चाहे वह निजी हो या सामाजिक, आप तब तक नहीं जीत सकते जब तक अपना धैर्य बनाए ना रखें। 

सोच 

व्यक्ति को हराने के लिए हमें उस व्यक्ति के जैसे ही सोच बनानी पड़ेगी। हमे उसके  बारे में सारी बातें पता होनी चाहिए। अगर एक खेल की बात करें तो आपको अपने प्रतिद्वंदी के बारे में जैसे की उसके खेलने के तरीके, उसकी कमियां, उसकी खूबियां आदि सभी का पता होना आवश्यक है। जब तक हम अपने प्रतिद्वंदी को नहीं पहचानेगे तब तक जीतने की परिकल्पना भी नहीं कर सकते। यही कारण है आज के दौर में कोई भी खिलाड़ी घंटों अपने पर प्रतिद्वंदी के वीडियो देखा करता है। तो दोस्तों आप भी हो जाइए तैयार। अपने प्रतिद्वंदी से जीतने के लिए लेकिन एक सकारात्मक सोच के साथ।

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