जय माता दी !

आज हम आपको ज्योतिष अनुसार रक्षा सूत्र या कलावा बांधने के कुछ नियम बताने जा रहे हैं। सनातन धर्म में रक्षा सूत्र या कलावे का बड़ा ही महत्व है। घर में किसी भी अनुष्ठान या पूजा के समय या फिर नवरात्रि की पूजा में विषेशतः रक्षा सूत्र या कलावा जरूर बाँधा जाता है।

आज समय में बहुत से लोगों को सही तरीके से रक्षा सूत्र या कलावा बांधना या बंधवाना नहीं आता है। आज हम आपको सही तरीके से रक्षा सूत्र या कलावा बांधने के नियम बताने जा रहे हैं।

1.  पुरुषों के दाएं हाथ पर रक्षा सूत्र या कलावा बांधा जाता है। इसके विपरीत महिलाओं के बाएं हाथ पर रक्षा सूत्र या कलावा बांधा जाता है।

2. अगर कोई कन्या है जिसका विवाह नहीं हुआ है तो उसके भी दाएं हाथ पर कलावा बांधा जाता है।

3. रक्षा सूत्र या कलावा बांधते हुए 3 बार 5 बार या 7 बार हाथ पर घुमाया जाता है। रक्षा सूत्र या कलावा बंधवाने वाले व्यक्ति को हमेशा रक्षा सूत्र या कलावा बांधते हुए अपनी मुट्ठी में चावल के दाने रख कर बंद रखना होता है। 

4. रक्षा सूत्र या कलावा जिस भी देवी देवता के अनुष्ठान एवं संबंधित है, उसका मंत्र बोलना सर्वोत्तम माना जाता है। 

5. जब रक्षा सूत्र या कलावा पूर्णतः बंध जाए तब पुराने कलावे को काटकर या खोलकर के हटा दिया जाता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि इसे किसी दूषित स्थान पर ना रखें।

6. अच्छा होगा की आप इसे किसी हरे पेड़ की जड़ में या फिर नदी में प्रवाहित कर दें।

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नोट: उपरोक्त दी गईं जानकारियाँ, सिफारिशें और सुझाव प्रकृति में सामान्य हैं। यदि आप स्वयं पर इसका प्रयोग करना चाहते हैं तो पहले एक पंजीकृत या प्रमाणित पेशेवर या ट्रेनर से परामर्श जरूर कर लें। उसके उपरान्त ही इस सलाह पर अमल कीजिये।

ज्योतिष अनुसार रक्षा सूत्र या कलावा बांधने के नियम

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