रविवार सप्तमी विशेष: अपने रुके हुए कार्यों को पूरा करने के लिए करें यह पूजा

रविवार सप्तमी

रविवार सप्तमी के दिन जप/ध्यान करने का फल हजारों गुना बढ़ जाता है—कहा जाता है कि यह फल सूर्य/चन्द्र ग्रहण के समय किए गए जप-ध्यान के समान होता है।

इस दिन यदि कोई व्यक्ति नमक-मिर्च रहित भोजन करके सूर्य भगवान की पूजा करे, तो उसकी घातक बीमारियाँ दूर हो सकती हैं। यदि रोगी स्वयं यह व्रत न कर सके, तो कोई अन्य व्यक्ति उसके लिए यह व्रत कर सकता है। इस दिन सूर्यदेव का पूजन अवश्य करना चाहिए।

सूर्य भगवान पूजन विधि

1) सूर्य भगवान के समक्ष तिल के तेल का दीपक जलाएँ और आरती करें।
2) जल में थोड़ा चावल, शक्कर, गुड़, लाल फूल या लाल कुमकुम मिलाकर सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित करें।

सूर्य भगवान अर्घ्य मंत्र

  1. ॐ मित्राय नमः।
    2. ॐ रवये नमः।
    3. ॐ सूर्याय नमः।
    4. ॐ भानवे नमः।
    5. ॐ खगाय नमः।
    6. ॐ पूष्णे नमः।
    7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः।
    8. ॐ मरीचये नमः।
    9. ॐ आदित्याय नमः।
    10. ॐ सवित्रे नमः।
    11. ॐ अर्काय नमः।
    12. ॐ भास्कराय नमः।
    13. ॐ श्रीसवितृ-सूर्यनारायणाय नमः।

सूर्य देव आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करें।

अस्वीकरण: इस लेख में बताई गई बातें/उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। इस लेख में AI टूल्स का प्रयोग किया गया है। ekaanshastro यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/ दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग कर निर्णय लें। ekaanshastro अंधविश्वास के खिलाफ है।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *