Swastika & Vaastu: स्वस्तिक और वास्तु के टोटके एवं उपाय

स्वस्तिक और वास्तु (Swastika & Vaastu)
वास्तुशास्त्र में स्वस्तिक को अत्यंत शुभ और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। इसकी आकृति सभी दिशाओं से समान दिखाई देती है, इसलिए इसे संतुलन और समृद्धि का चिन्ह माना जाता है। घर के वास्तु दोष दूर करने के लिए स्वस्तिक का विशेष महत्व होता है।
मुख्य द्वार के दोनों ओर अष्टधातु के स्वस्तिक तथा ऊपर मध्य में तांबे का स्वस्तिक लगाने से वास्तु दोष समाप्त होते हैं।
पंचधातु का स्वस्तिक बनवाकर उसकी प्राण-प्रतिष्ठा कर चौखट पर लगाने से शुभ फल प्राप्त होते हैं।
चांदी में नवरत्न जड़ित स्वस्तिक को पूर्व दिशा में लगाने से लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है और वास्तु दोष दूर होता है।
स्वस्तिक के विशेष उपाय
पहला उपाय
वास्तु दोष दूर करने के लिए 9 अंगुल लंबा और चौड़ा स्वस्तिक सिंदूर से बनाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
दूसरा उपाय
मांगलिक एवं धार्मिक कार्यों में रोली, हल्दी या सिंदूर से स्वस्तिक बनाना अत्यंत शुभ होता है। त्योहारों पर द्वार पर रंगोली के साथ बनाया गया स्वस्तिक देवी-देवताओं के आगमन का प्रतीक होता है। गुरु पुष्य या रवि पुष्य नक्षत्र में बनाया गया स्वस्तिक विशेष शांति प्रदान करता है।
तीसरा उपाय
व्यापार में वृद्धि के लिए लगातार 7 गुरुवार ईशान कोण को गंगाजल से धोकर वहां सूखी हल्दी से स्वस्तिक बनाएं और पंचोपचार पूजा करें। आधा तोला गुड़ का भोग लगाएं। कार्यस्थल की उत्तर दिशा में हल्दी का स्वस्तिक बनाना भी अत्यंत लाभकारी होता है।
चौथा उपाय
जिस देवता की मूर्ति स्वस्तिक के ऊपर रखी जाती है, वह शीघ्र प्रसन्न होता है। घर में इष्टदेव की पूजा करते समय उनके आसन के नीचे स्वस्तिक अवश्य बनाएं।
पांचवां उपाय
देव स्थान पर स्वस्तिक बनाकर उसके ऊपर पंच धान्य या दीपक रखने से इच्छित कार्य शीघ्र पूर्ण होता है। मनोकामना पूर्ति हेतु मंदिर में उल्टा स्वस्तिक बनाएं और कार्य पूर्ण होने पर सीधा स्वस्तिक बनाएं।
छठा उपाय
यदि नींद नहीं आती या बुरे सपने आते हैं तो सोने से पहले तर्जनी उंगली से स्वस्तिक बनाकर सोएं। इससे मानसिक शांति मिलती है और नींद अच्छी आती है।
सातवां उपाय
पितृ पक्ष में संजा बनाते समय गोबर से स्वस्तिक बनाने से घर में शुभता, शांति और समृद्धि आती है तथा पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
आठवां उपाय (धन लाभ हेतु)
प्रतिदिन सुबह सकारात्मक भाव से लक्ष्मी आगमन का विचार करें। घर को स्वच्छ रखें, पूजा के बाद देहली की पूजा करें।
देहली के दोनों ओर स्वस्तिक बनाएं, उसके ऊपर चावल की ढेरी रखें और एक-एक सुपारी पर कलावा बांधकर रखें। यह उपाय धन वृद्धि में सहायक होता है।
नौवां उपाय
पीले और लाल रंग का स्वस्तिक अत्यंत शुभ होता है। ईशान या उत्तर दिशा की दीवार पर हल्दी से स्वस्तिक बनाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। मांगलिक कार्यों के लिए केसर, सिंदूर, रोली या कुंकुम से लाल स्वस्तिक बनाना शुभ माना जाता है।
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