गोलू – मोलू के हंसी के फव्वारे
माउन्ट अबू अरावली पर्वतमाला जो कि राजस्थान से शुरू होकर गुजरात तक जाती है। इस पर्वत की सबसे ऊँची छोटी का नाम गुरु शिखर है जिसकी समुद्रतल से ऊंचाई 5650 फ़ीट है। माउंट अबू में यूँ तो बहुत सारी घूमने वाली जगह हैं। पर इनमे से नक्की लेक (झील) की बात ही कुछ और है।…
हमारे घर में लगी तस्वीरों से भी हमारे घर की सुख, शांति और सम्पन्नता पर भी प्रभाव पड़ता है। वास्तु अनुसार अगर हम अपने घर पर सही तस्वीर या चित्र न लगाए तो हमारे ऊपर और हमारे घर पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अपने घर में अगर ताजमहल का चित्र हो तो उसे हटा…
गुस्सा करना एक आम बात है। आजकल सभी लोगो में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। और यही कारण है की आज सभी रिश्तों में भी दूरिया बढ़ती जा रही है। हम गुस्सा सिर्फ उसी पे करते है जिसपे हमारा जोर चलता है। और अधिकतर हम सभी का हर प्रकार का गुस्सा अपने बच्चो पर ही निकलता है। इसलिए आजकल के बच्चो में भी इतना जयादा आक्रोश देखने को मिलता है। कैसे करे हम अपने गुस्से पे कण्ट्रोल ? आये समझते है एक छोटी सी कहानी से। एक पिता अपने बेटे के गुस्से से बहुत जयादा परेशान थे। उन्होंने कई बार अपने बेटे को समझाया की गुस्सा करना अच्छी बात नहीं।इससे सेहत पे भी असर पड़ता है। पर बेटा नहीं समझता था। फिर एक दिन उसके पिता ने अपने बेटे को एक कीलो से भरा हुआ बैग दिया और कहा की जब भी तुम्हे गुस्सा आये इस सामने बानी हुई लकड़ी की फेंसिंग पे एक कील को ठोक देना। बेटे ने ऐसा ही किया। पहले ही दिन उसने चालीस कीले ठोक दी।उसे ये काम करने में बहुत ही मेहनत करनी पड़ी। वो थक गया था। दुसरे दिन उसने कम गुस्सा किया।और हफ्ते भर के अंदर ही उसने गुस्सा करना बंद कर दिया। उसने ये बात अपने पता को बताई।पिता बहुत खुश हुए। उन्होंने कहा आप जिस दिन तुम बिलकुल भी गुस्सा नहीं करोगे उस दिन एक कील को निकाल देना।बेटे ने ऐसा ही किया। जब सभी कीले निकल गयी तो उसने फिर से पिता को बताया। पिता आये और उन्होंने इशारा करता हुए बेटे से कहा की देखो तुमने सारी कीले निकाल दी फिर भी इसके निशान बच गए है जो अब कभी भी नहीं मिटेंगे।बेटे को पिता की बात समझते देर नहीं लगी और उस दिन से उसने गुस्सा करना छोड़ दिया। इसी प्रकार से जब हम भी किसी पे गुस्सा करते है तो कुछ ऐसी बाते कह जाते है जो सामने वाले को बहुत बुरीलगती है। उसके बाद हम कितनी बार भी माफ़ी क्यों ना मांग ले पर उस कील के निशान की तरह से हमारे दिए हुए घाव भी कभी नहीं भरते। इसलिए दोस्तों कभी भी गुस्सा ना करे। और अपने गुस्से को कण्ट्रोल करने की आदत आज से डालने की कोशिश जरूर शरू करे। यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो कृपया मुझे फॉलो करें ताकि…
हम लोग चाहते हैं कि हम और हमारा परिवार किसी भी तरह की मुसीबतों और परेशानियों से बचा रहे। परन्तु कभी-कभी हम अपनी नासमझी की वजह से ही मुसीबतों को खुद ही न्योता दे देते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं उन वस्तुओं के बारें में जिन्हे आप अपने घर के मंदिर में…
किसी भी व्यक्ति के नाम का पहला अक्षर उसके स्वाभाव का परिचय कराता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं उन व्यक्तियों के बारें में जिनका नाम अंग्रेजी के ‘P’ अक्षर से शुरू होता है। तो आइये जानते हैं ऐसे व्यक्तियों के स्वभाव और व्यक्तित्व के बारे में। जिन भी व्यक्तियों का नाम ‘P’…
मासिक धर्म (पीरियड्स) महिलाओं (woman in temple during periods) के जीवन की एक स्वाभाविक और जैविक प्रक्रिया है, जो उनकी प्रजनन क्षमता और स्वास्थ्य का प्रतीक है। इसके बावजूद, सदियों से इसे समाज में “अशुद्धता” की धारणा से जोड़ा जाता रहा है। जब कोई महिला तीर्थ यात्रा का संकल्प लेती है और उसी दौरान मासिक…