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शहज़ार होम में “AI for Senior Citizens & Housewives” के 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन

संवादाता, हरिद्वार
शहज़ार होम में वरिष्ठ नागरिकों एवं गृहिणियों के लिए आयोजित 10 सत्रों के विशेष ऑफलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम “AI for Senior Citizens & Housewives – Smart Life Using AI” का सफलतापूर्वक समापन गत रविवार को हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से उन वरिष्ठ नागरिकों एवं गृहिणियों के लिए तैयार किया गया था, जो बिना किसी तकनीकी पृष्ठभूमि के सरल हिंदी एवं हिंग्लिश भाषा में Artificial Intelligence (AI) को सीखना और अपने दैनिक जीवन में उसका उपयोग करना चाहते हैं।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को ChatGPT, Google Gemini, Google Assistant, Voice Typing, AI आधारित स्वास्थ्य एवं फिटनेस, फोटो रिस्टोरेशन, डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन सुरक्षा एवं साइबर फ्रॉड से बचाव, स्मार्टफोन के AI फीचर्स तथा दैनिक जीवन में AI के व्यावहारिक उपयोग जैसे विषयों पर विस्तृत एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

इस अवसर पर प्रशिक्षक श्री निखिल रंजन ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल AI की तकनीक सिखाना नहीं था, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों एवं गृहिणियों में यह विश्वास विकसित करना था कि तकनीक किसी भी उम्र में सीखना संभव है और AI जीवन को अधिक सरल, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बना सकता है। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों का उत्साह, अनुशासन एवं सीखने की लगन इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता रही। उल्लेखनीय है कि पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों की उपस्थिति लगभग शत-प्रतिशत रही, जो उनके सीखने के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्री निखिल रंजन ने शहज़ार होम के समस्त सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था ने न केवल इस महत्वपूर्ण एवं उपयोगी कार्यक्रम के आयोजन के लिए उत्कृष्ट मंच उपलब्ध कराया, बल्कि एक आत्मीय, सकारात्मक एवं सीखने के अनुकूल वातावरण भी प्रदान किया, जिसके कारण सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। उन्होंने कहा कि शहज़ार होम के सदस्यों द्वारा मिला स्नेह, सम्मान एवं अपनापन उनके लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।

समापन समारोह में प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। श्रीमती संगीता गुप्ता, श्रीमती सुरेखा पालगे, श्री सुधीर कुमार अग्रवाल, श्री एम.के. रैना तथा श्री सुरेश पालगे ने प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि यह पाठ्यक्रम अत्यंत सरल, व्यावहारिक एवं उपयोगी रहा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात की प्रशंसा की कि कठिन समझी जाने वाली AI तकनीक को भी सहज भाषा और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया, जिससे सभी प्रतिभागी आत्मविश्वास के साथ AI टूल्स का उपयोग करना सीख सके। सभी वक्ताओं ने इस अभिनव पहल के लिए श्री निखिल रंजन का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में शहज़ार होम के निदेशक श्री एम.के. रैना एवं श्री सुरेश पालगे द्वारा प्रशिक्षक श्री निखिल रंजन को उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण एवं सफल प्रशिक्षण संचालन के लिए स्मृति-चिह्न एवं प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समापन अवसर पर यह भी निर्णय लिया गया कि प्रतिभागियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया एवं बढ़ती रुचि को देखते हुए भविष्य में भी वरिष्ठ नागरिकों एवं गृहिणियों के लिए AI, डिजिटल साक्षरता, साइबर फ्रॉड एवं उभरती तकनीकों पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग डिजिटल युग के साथ आत्मविश्वासपूर्वक कदम से कदम मिलाकर चल सके।

कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि—

सीखने की कोई आयु नहीं होती। सही मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच के साथ प्रत्येक व्यक्ति Artificial Intelligence जैसी आधुनिक तकनीक को सीखकर अपने जीवन को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बना सकता है।”

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